हमने आसानी से ले जाया जा सकने वाला मोबाइल मॉडल आई बनाया, उसमें विभिन्न IOL लगाए और दिन-रात दूर की इमारतों तथा रात में सड़कों की फिल्में बनाईं। मात्रात्मक विश्लेषण के लिए हमने छह मीटर की दूरी से ऑप्टोटाइप के पास पहुँचते हुए वीडियो रिकॉर्ड किए।
मोबाइल मॉडल आई में कॉर्निया का काम करने वाला लेंस, वाटर चैंबर, IOL और माइक्रोस्कोप होते हैं। मरीजों में वास्तव में उपयोग होने वाले IOL को वाटर चैंबर में रखकर फिल्माने से हमने जाना कि मरीज वास्तव में कैसे देखते हैं। विवरण नीचे प्रो. हो सिक ह्वांग के शोधपत्रों में दिया गया है।
नया पोर्टेबल मॉडल आई। इसमें कृत्रिम कॉर्निया (अवर्णी उत्तल लेंस), IOL, छोटा वाटर चैंबर, दूरी-समायोज्य ट्यूब, ऑब्जेक्टिव लेंस (x10), ट्यूब लेंस (फोकल लंबाई 180 मिमी) और डिजिटल कैमरा शामिल हैं।
मात्रात्मक विश्लेषण के लिए प्रयोगात्मक सेटअप। A. 50 × 50 सेमी आकार का USAF 1951 रिज़ॉल्यूशन चार्ट बैकलिट फिल्म पर प्रिंट कर LED लाइट पैनल के सामने लगाया गया। वीडियो रिकॉर्डिंग के दौरान मॉडल आई चार्ट की ओर 6 मीटर से 15 सेमी तक पहुँचा। फर्श पर सिनेमा डॉली ट्रैक बिछाया गया और डॉली को स्मार्टफोन से ब्लूटूथ द्वारा जोड़कर स्वचालित रूप से चार्ट की ओर बढ़ाया गया।